चंद्रशेखर आजाद नगर :- चंद्रशेखर आजाद नगर का नाम पहले भाबरा हुआ करता था फिर सरकार ने वीर चंद्रशेखर आजाद जन्म स्थली होने के कारण भाबरा का नाम परिवर्तित कर चंद्रशेखर आजाद नगर किया । परंतु उनके नाम का सम्मान के साथ इंसाफ नहीं किया जा रहा है नगर में 15 वार्ड है परन्तु कई वार्ड में नालियों का निर्माण जिसके कारण घरों का गंदा जल रोड़ पर बह रहा है , रोड़ का निर्माण नहीं किया गया है जिसके कारण नगर वासी गंदगी से परेशान है जबकि प्रशासन और नेता अपने भाषणों में विकास की गंगा बहते नजर आते हैं धरातल पर विकास का नामोनिशान तक दिखाई नहीं देता है। ऐसे वार्ड 11,2,3, ओर अन्य वार्डो में हालत खराब है प्रशासन शून्य हो चुका है जनता से उम्मीद करने वाला प्रशासन जन विश्वास अभियान में लाखों खर्च कर रहा है जबकि निर्माण कार्यों के लिए फंड नहीं निकाल रहा है क्या यही विकास होता है। 23 जुलाई को जिस मंडी में cm मोहन यादव का भाषण था उस रोड की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि कोई अप्रिय घटना हो सकती है परन्तु प्रशासन जन विश्वास अभियान में लगा है क्या इस प्रकार जन का विश्वास प्राप्त कर सकती हे सरकार सोचनीय बात है ये कैसा विकास है जो कागजों में नजर आ रहा है धरातल पर नजर नहीं आ रहा है।